
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का आधार है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को भारत की प्राचीन शैक्षिक गौरव को पुनर्स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह नीति छात्रों के समग्र विकास, नवाचार, शोध और व्यावहारिक कौशल पर जोर देती है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
CM धामी के मुख्य बिंदु:
- उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल पढ़ाने के केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र बनाना चाहिए।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत वैश्विक लीडर बन रहा है।
- उत्तराखंड शिक्षा, ज्ञान और आध्यात्मिकता का प्राचीन केंद्र रहा है।
- राज्य सरकार स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन लर्निंग और AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दे रही है।
- दून विश्वविद्यालय में स्थापित हिंदू अध्ययन केंद्र भारतीय ज्ञान परंपरा को नई दिशा देगा।
- युवाओं को भविष्योन्मुखी कौशल, नवाचार और नेतृत्व गुणों से लैस करना जरूरी।
मुख्यमंत्री ने उद्योग-शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग, इंटर्नशिप, इंडस्ट्री लिंक्ड पाठ्यक्रम और स्टार्टअप इंक्यूबेशन सेंटर विकसित करने पर जोर दिया, ताकि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें।



