
वाशिंगटन में भारतीय दूतावास द्वारा लगाई गई ‘आतंकवाद की मानवीय कीमत’ विषयक प्रदर्शनी में अमेरिकी सांसदों ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को याद किया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
डेमोक्रेटिक सांसद ब्रैड शर्मन ने कहा कि पहलगाम हमले के पीछे रेजिस्टेंस फ्रंट का हाथ था, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान इन आतंकी गुटों को पनाह देना बंद करे और उन पर नकेल कसे।
प्रदर्शनी में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के सांसद शामिल हुए। सांसद लिसा मैक्लेन ने आतंकवाद से लड़ने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया। सांसद रो खन्ना ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने 1990 के दशक में ही आतंकवाद के खतरे की चेतावनी दी थी।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
सांसदों ने 7 मई 2025 को भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया, जिसमें लश्कर और जैश के 9 ठिकानों को नष्ट किया गया था। सांसद रिचर्ड मैककॉर्मिक ने आतंकवाद को भारत और अमेरिका दोनों के लिए खतरा बताया।
यह प्रदर्शनी ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान खुद को अमेरिका-ईरान तनाव में शांतिदूत के रूप में पेश कर रहा है।



