
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और एंथ्रोपिक के नए AI मॉडल क्लॉड मिथोस से उत्पन्न साइबर सुरक्षा जोखिम पर गहरी चिंता जताई।
यह AI मॉडल इतना शक्तिशाली बताया जा रहा है कि यह किसी भी सिस्टम को हैक कर सकता है। एंथ्रोपिक का दावा है कि मिथोस ने हजारों ऐसे साइबर सुरक्षा दोष खोजे हैं जो इंसानों की नजर से छूट गए थे।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि मिथोस का खतरा अभूतपूर्व है, इसलिए बैंकों को अत्यधिक सतर्कता, तैयारी और बेहतर समन्वय की जरूरत है। बैठक में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे।
निर्मला सीतारमण ने बैंकों से कहा कि वे अपने आईटी सिस्टम को मजबूत करें और ग्राहक डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करें। साथ ही भारतीय बैंकों के संघ (IBA) को निर्देश दिया गया कि सभी बैंकों, भारतीय CERT और अन्य एजेंसियों के बीच रीयल-टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस शेयरिंग का मजबूत तंत्र विकसित किया जाए।
सरकार और रिजर्व बैंक इस AI मॉडल से भारतीय वित्तीय क्षेत्र को होने वाले संभावित खतरे का आकलन कर रहे हैं।




