
पश्चिम बंगाल में एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रता बनर्जी कथित तौर पर 59 विधायकों के समर्थन पत्र लेकर राज्य विधानसभा पहुंचे। इस घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस में बड़े पैमाने पर उथल-पुथल की अफवाहें फैला दीं, और यह सवाल उठने लगे कि क्या पार्टी आंतरिक विभाजन का सामना कर रही है।
तृणमूल कांग्रेस के कई विधायक एक के बाद एक विधानसभा पहुंचते नजर आए, जिससे इस सभा के उद्देश्य को लेकर अटकलें और तेज हो गईं। हालांकि, किसी भी विधायक ने सार्वजनिक रूप से अपनी उपस्थिति का कारण नहीं बताया और न ही पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव की खबरों पर कोई टिप्पणी की। एक अन्य बागी विधायक संदीपान साहा ने कहा कि वह भी उन 59 विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने ऋतब्रता बनर्जी के समर्थन में पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया और कथित हस्ताक्षरों का सटीक महत्व अस्पष्ट बना रहा।




