
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) सोमवार (4 मई) को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के चुनाव परिणाम घोषित करेगा। इन चारों राज्यों और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं और वहां कांटे की टक्कर है, इसलिए इन चुनावों पर सबकी नजर है। पश्चिम बंगाल में हो रहे चुनावों पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि इन्हें सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कांटे की टक्कर बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है।
तमिलनाडु की बात करें तो, पिछले कई सालों से यहां द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) के बीच राजनीतिक मुकाबला चलता रहा है, लेकिन विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के सत्ता में आने से राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। कुछ एग्जिट पोल के अनुमानों से विजय की पार्टी को काफी हौसला मिला है, जिनमें कहा गया है कि द्रविड़ राजनीति से प्रभावित इस राज्य में टीवीके किंगमेकर बनकर उभर सकती है।



