
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया को वैध ठहराते हुए एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है।
कोर्ट ने कहा कि SIR अभियान के दौरान मतदाता सूची से किसी का नाम हटाने का मतलब उस व्यक्ति की नागरिकता (Citizenship) समाप्त होना नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूचियों को शुद्ध और सटीक बनाना है, न कि किसी की नागरिकता पर फैसला करना।
यह फैसला SIR के तीसरे चरण से ठीक पहले आया है, जिसमें 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण होना है।



