
भारत मौसम विभाग (IMD) ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर चिंताजनक पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, इस बार बारिश सामान्य से मात्र 90% रहने की संभावना है, जो इसे 2015 के बाद सबसे सूखा मानसून बना सकता है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि मानसून की कमी (90% से कम) की संभावना को IMD ने 60% कर दिया है, जबकि सामान्य वर्षों में यह आंकड़ा मात्र 16% रहता है। एल नीनो के सक्रिय होने और हिंद महासागर में भारतीय महासागरीय द्विध्रुव (IOD) की अनुपस्थिति को इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है।
IMD के अनुसार, देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। खासकर मानसून कोर जोन (गुजरात से ओडिशा तक) में बारिश की कमी से खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है।




