
विदेश मंत्रालय तीन दिवसीय Heads of Mission (HOM) सम्मेलन 28 से 30 अप्रैल तक आयोजित कर रहा है। इस बैठक में दुनिया भर में तैनात सभी भारतीय राजदूत और उच्चायुक्त शामिल होंगे।
सम्मेलन का मुख्य फोकस पश्चिम एशिया (ईरान-अमेरिका) युद्ध, हॉर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी और इसके आर्थिक, राजनीतिक व कूटनीतिक प्रभाव पर रहेगा। पहले दिन विदेश सचिव विक्रम मिस्री बैठक की शुरुआत करेंगे और विश्व परिदृश्य पर व्यापक चर्चा करेंगे।
दूसरे दिन विदेश मंत्री एस जयशंकर संबोधित करेंगे और पश्चिम एशिया युद्ध, यूक्रेन युद्ध तथा पूर्वी एशिया में चीन के बढ़ते दबदबे के बीच नए वैश्विक संतुलन पर राजदूतों को संवेदनशील बनाएंगे। उसी दिन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भारत के पड़ोसी देशों की सैन्य क्षमताओं और भारतीय सेना में हो रहे सुधारों पर प्रेजेंटेशन देंगे।
30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजदूतों को संबोधित करेंगे और अपनी विजन शेयर करेंगे। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे।
यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब पाकिस्तान पश्चिम एशिया संकट में खुद को शांतिदूत बताने की कोशिश कर रहा है और सऊदी अरब व कतर के साथ अपने रक्षा संबंध मजबूत कर रहा है।



