
आगामी जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान collected व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी।
यह जानकारी न तो RTI के तहत दी जाएगी, न अदालत में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल हो सकेगी और न ही किसी अन्य संस्था को साझा की जाएगी।
मुख्य बातें:
- जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण (हाउस लिस्टिंग) में 33 सवाल पूछे जाएंगे।
- डेटा संग्रह पूरी तरह डिजिटल होगा।
- लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को भी शादीशुदा माना जाएगा, अगर वे अपने रिश्ते को स्थायी मानते हों।
- अधिकारियों को सख्त चेतावनी: लापरवाही या डेटा दुरुपयोग पर 3 साल तक की सजा हो सकती है।
- दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा।
देशभर में करीब 30 लाख प्रगणक इस काम में शामिल होंगे।



