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अमित शाह ने पटना में नीतीश कुमार से मुलाकात की

जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिसके साथ ही बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले उनके कार्यकाल का अंत हो गया है। 2005 से मुख्यमंत्री रहे कुमार ने कहा कि राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। यह घोषणा कुमार के 20 नवंबर को पटना में एक भव्य समारोह में रिकॉर्ड 10वें कार्यकाल के लिए शपथ लेने के लगभग चार महीने बाद हुई है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि गुरुवार है।

नीतीश कुमार ने कहा कि अपने संसदीय सफर की शुरुआत से ही उनकी इच्छा बिहार विधानसभा के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनने की थी। इस घटनाक्रम ने राज्य में राजनीतिक अटकलों को तेज कर दिया है और इस बात की चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि बिहार को जल्द ही भारतीय जनता पार्टी से पहला मुख्यमंत्री मिल सकता है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि बिहार समेत 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। तेजस्वी ने आगे कहा, “हमने पहले ही कहा था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे… मैंने मुख्यमंत्री परिवर्तन की बात पहले ही कह दी थी… महाराष्ट्र मॉडल अब बिहार में लाया गया है… भाजपा पिछड़े नेताओं को सत्ता में नहीं रहने देती… भाजपा सिर्फ एक कठपुतली मुख्यमंत्री बिठाती है। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए द्वारा नामित किए जाने पर नीतीश कुमार को शुभकामनाएं दीं।

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