
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की दिव्यांग अधिकारों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बैठक का वीडियो एक सरकारी अधिकारी ने रील बनाकर शेयर किया, जिस पर ‘सरकारी कामकाज में रील कल्चर’ को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, बाद में स्पष्टीकरण आया कि वीडियो किसी सरकारी अधिकारी ने नहीं, बल्कि दिव्यांग अधिकारों के प्रमुख कार्यकर्ता डॉ. पी. सिम्मचंद्रन ने विजय की अनुमति लेकर बनाया था। डॉ. सिम्मचंद्रन तमिलनाडु डिफरेंटली एबल्ड फेडरेशन के अध्यक्ष हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोगों ने इसे पारदर्शिता और आम लोगों तक पहुंच का उदाहरण बताया, जबकि कई ने औपचारिक सरकारी बैठकों को प्रचार का माध्यम बनाने पर सवाल उठाए।
यह घटना डिजिटल युग में शासन और सोशल मीडिया के बीच बढ़ती धुंधली रेखा को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।




