
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा द्वारा दायर मानहानि और फर्जीवाड़े के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत (anticipatory bail) दे दी। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को हल्के में खतरे में नहीं डाला जा सकता।
जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने यह फैसला सुनाया। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर पवन खेड़ा की गिरफ्तारी होती है तो उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। साथ ही जांच में पूरा सहयोग करने, जरूरत पड़ने पर पुलिस के सामने पेश होने, सबूतों से छेड़छाड़ न करने और बिना अदालत की अनुमति के देश नहीं छोड़ने की शर्तें लगाई गई हैं।
मामला क्या है?
यह मामला पवन खेड़ा द्वारा रिनिकी सरमा पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि रिनिकी के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं और उनके विदेश में वित्तीय हित जुड़े हुए हैं।



