
नोएडा में हालिया श्रमिक प्रदर्शन और हिंसा के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी ने मंगलवार को औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों के साथ बैठक की। डीएम ने साफ चेतावनी दी कि अगर किसी एजेंसी के श्रमिक या कार्मिक ने उपद्रवी या हिंसक व्यवहार किया तो पूरी जिम्मेदारी एजेंसी की होगी। ऐसी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
डीएम ने न्यूनतम वेतन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अकुशल श्रमिक को 13,690 रुपये, अर्धकुशल को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिक को 16,868 रुपये प्रतिमाह वेतन देना अनिवार्य है। वेतन सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में जमा किया जाए। नियम तोड़ने या शोषण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक एक-दूसरे के पूरक हैं। औद्योगिक शांति बनाए रखना सभी के हित में है। उन्होंने सभी से अफवाहों पर ध्यान न देने और आपसी सहयोग से काम करने की अपील की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अतुल कुमार और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।



