उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ के गठन को मंजूरी दे दी गई है।
इस आयोग का मुख्य काम पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण की स्थिति, पात्रता और प्रतिशत तय करना होगा। आयोग की अध्यक्षता हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। आयोग में कुल 6 सदस्य (1 अध्यक्ष + 5 सदस्य) होंगे। आयोग का कार्यकाल 6 महीने का होगा और इसे अपनी रिपोर्ट 6 माह के अंदर सरकार को सौंपनी होगी।
सरकार का यह फैसला पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्ग को निष्पक्ष और वैधानिक आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



