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पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले तीखा विवाद: TMC ने BJP और चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप, कहा- ‘लोकतंत्र का मजाक उड़ा दिया’

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया में “लोकतंत्र का क्रूर मजाक” किया जा रहा है।

TMC का कहना है कि विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) के तहत चुनिंदा असली वोटरों के नाम मनमाने ढंग से हटाए जा रहे हैं, ताकि चुनाव के नतीजे BJP के पक्ष में रिग किए जा सकें। पार्टी ने इसे “बेशर्म कोशिश” करार दिया।

TMC ने X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि महान कलाकार नंदलाल बोस (जिन्होंने भारतीय संविधान को चित्रित किया था) के ८८ वर्षीय पोते सुप्रबुद्ध सेन और उनकी पत्नी का नाम भी वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। साथ ही उन वोटरों के नाम भी हटाए गए, जिनके घर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लंच किया था।

पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर असली वोटरों को मताधिकार से वंचित करने से जीत मिलने की उम्मीद है, तो बंगाल की जनता उन्हें “बुरी तरह जगाएगी”। TMC ने कहा, “अगर बंगाल में सिर्फ एक भी असली वोटर बचा, तो वह ममता बनर्जी को ही वोट देगा।”

इस विवाद के बीच TMC का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला, जहां मीटिंग तनावपूर्ण रही। TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनसे तमीज बनाए रखने की अपील की और आयोग परिसर में चिल्लाने पर आपत्ति जताई। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव बिना डर, हिंसा, धमकी या बूथ जैमिंग के होंगे।

TMC ने आयोग को पत्र भी लिखा है, जिसमें “राजनीतिक रूप से पक्षपाती अधिकारी और पर्यवेक्षक” द्वारा चुनावी तटस्थता को खतरे में डालने की चिंता जताई गई। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग BJP के दबाव में काम कर रहा है।

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