
अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रिजवान सईद शेख ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता आसान नहीं होगी।
राजदूत शेख ने कहा कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए शुरुआती कॉन्फिडेंस बिल्डिंग उपाय जरूरी हैं, लेकिन यह प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली होगी। उन्होंने जहाजों की आवाजाही को कॉन्फिडेंस बिल्डिंग का एक उदाहरण बताया, लेकिन जोर दिया कि पाकिस्तान केवल मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। असली जिम्मेदारी अमेरिका और ईरान दोनों पक्षों पर है।
उन्होंने ईरान के अंदरूनी हालात और कम्युनिकेशन बाधाओं को भी बातचीत में बड़ी चुनौती बताया।



