
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। इस दौरान लोकसभा में पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते युद्ध और तनावपूर्ण स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को सदन में पश्चिम एशिया के हालात पर भारत सरकार का आधिकारिक रुख स्पष्ट करेंगे।
लोकसभा की 9 मार्च की संशोधित कार्यसूची में विदेश मंत्री द्वारा पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर बयान देने का प्रावधान किया गया है। अमेरिका-इज़राइल के भीषण हमलों और ईरान के जोरदार पलटवार से संघर्ष अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह पश्चिम एशिया की बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए है। खासकर वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार आंशिक रूप से हवाई क्षेत्र खुलने के बाद अब तक 52 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। सरकार ने कहा कि आगे भी जरूरत पड़ने पर भारतीयों की सुरक्षित निकासी के लिए सभी प्रयास जारी रहेंगे।
विपक्ष लगातार सरकार के रुख पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में जयशंकर का बयान संसद और देश की नजरों में रहेगा।



