
अमेरिका और इज़राइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लखनऊ में शिया समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। महिलाएं रोती और सीना पीटती नजर आईं। प्रदर्शनकारियों ने “खामेनेई जिंदाबाद” और “अमेरिका और इज़राइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन दिन के शोक की घोषणा की है। बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि लोग अपने घरों पर काले झंडे लगाएंगे और काले कपड़े पहनेंगे। खामेनेई के नाम पर धार्मिक सभाएं आयोजित की जाएंगी।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कश्मीर के अलावा, लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
लखनऊ में रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा। मौलानाओ ने देशभर के शिया समुदाय से अपील की है कि रात 8 बजे एक ही समय पर शोकसभाएं आयोजित करें और जहां संभव हो वहां कैंडल मार्च निकालें। साथ ही सभी लोगों से बड़ी संख्या में शोकसभा में शामिल होकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने का आह्वान किया गया है।



