
उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी और उसके साथी आदेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ललिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का आरोप पूरी तरह गलत था। असल मामला 4 साल पुराने प्रेम प्रसंग का था। अंकुश ललिता से शादी करना चाहता था, लेकिन ललिता ने इनकार कर दिया। जब अंकुश को ललिता के दूसरे प्रेमी के बारे में पता चला तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
आरोपियों ने ललिता को जंगल में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी और शव को पहचान छुपाने के लिए तेजाब से जला दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।




