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वन विभाग ने कसा पर्यावरण से जुड़े एनजीओ पर शिकंजा, भेजे नोटिस

वन विभागदेहरादून। उत्तराखंड में 70 फीसदी से ज्यादा भूभाग वन से घिरा हुआ है। यहां वन एवं पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली एनजीओ पर वन विभाग अब शिकंजा कसने का फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार बीते पांच वर्षों में प्रदेश में किये गए कार्यों की मांगी गई है।

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बीते कुछ महीने से अब तक सरकार द्वारा छह बड़े एनजीओ को नोटिस भेजे गए। विभाग के मुताबिक जो भी एनजीओ जानकारी में आ रहे हैं, उन्हें नोटिस भेजने की कार्रवाई की जा रही है। ब्योरा न देने वाले एनजीओ पर राज्य में प्रतिबंध लगाया जायेगा।

राज्य में तमाम एनजीओ की भूमिका पर पूर्व से सवाल उठते रहे हैं। राज्य में पंजीकृत 50 हजार से ज्यादा एनजीओ में से अधिकांश का कार्यक्षेत्र वन एवं पर्यावरण है। लेकिन अधिकतर का कामकाज जमीनी स्तर नहीं दिखता।

प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव डीवीएस खाती की ओर से पांच जुलाई को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसायटी, वाइल्डलाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया (नोएडा) के अलावा देहरादून के ऑपरेशन आई आफ द टाइगर इंडिया, इफैक्ट व नेचर साइंस इनिशिएटिव  को नोटिस भेजे गए। सभी को 15 दिन के अन्दर जानकारी मुहैया कराने के निर्देश दिए गए।

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बता दें इनमें से तीन एनजीओ ने अब तक कोई ब्योरा नहीं दिया है।

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