UP में माध्यमिक ‌शिक्षकों को मिलेंगी ढेरों सुविधाएं

teacher_landscape_1457079924एजेन्सी/1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के वेतन से पेंशन मद में कटौती मई से शुरू हो जाएगी। साथ ही सभी शिक्षकों को मुफ्त इलाज की सुविधा भी जल्द मिलने लगेगी।

साथ ही माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परीक्षा ड्यूटी की बकाया राशि के भुगतान के लिए जल्द ही 7 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव ने ये आश्वासन माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के दौरान दिए।

शिक्षकों की पेंशन के लिए मई से होगी कटौती

माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार सुबह से निदेशक माध्यमिक शिक्षा के कैंप कार्यालय पर उपवास और धरना शुरू कर दिया था, जिसे बलराम यादव से मिले ठोस आश्वासन के बाद खत्म कर दिया गया।

दो घंटे चली वार्ता में तय हुआ कि 1 अप्रैल, 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों की पेंशन योजना प्रभावी बनाने के लिए मई, 2016 के वेतन से कटौती प्रारंभ कर दी जाएगी।

उससे पहले कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में जरूरी तकनीकी परिवर्तन करा लिए जाएंगे। यह भी सहमति बनी कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं से संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी के एवज में दिए जाने वाले पारिश्रमिक का भुगतान 31 मार्च, 2016 से पहले कर दिया जाएगा।

वार्ता के दौरान प्रमुख सचिव (माध्यमिक शिक्षा) ने बताया कि इस मद में 7 करोड़ रुपये की राशि 22 मार्च को जारी कर दी गई है, जबकि इतनी ही राशि जल्द ही जारी कर दी जाएगी।

2015-16 में बोर्ड परीक्षा के दौरान बांदा के एक केंद्र व्यवस्थापक को गोली लगी थी। उन्हें लोक सेवक के रूप में निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने पर भी सहमति बनी।

ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में बालिकाओं की सुविधा के लिए शौचालय का निर्माण अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय के विकास शुल्क के अतिरिक्त जो राशि जरूरी होगी, उसकी पूर्ति सरकार करेगी।

महिला शिक्षकों को दी जाएगी चाइल्ड केयर लीव

महिला शिक्षकों के लिए चाइल्ड केयर लीव की स्वीकृति में किसी तरह की दिक्कत न होने के बाबत जल्द ही जरूरी निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।

माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा देने का आश्वासन भी दिया। प्रबंध समितियों के भंग होने की स्थिति में दायित्व प्रबंध संचालक को सौंपने का भी आश्वासन मिला, जिससे कि शिक्षकों की पदोन्नति में दिक्कत न आए।

अगले सत्र में प्रत्येक विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक देने का भी आश्वासन मिला। माध्यमिक शिक्षक संघ के नेताओं का कहना है कि सहायता प्राप्त विद्यालयों की पूर्ण क्षमता तक परीक्षार्थी निर्धारित करने और विद्यालयों में सहायकों और लिपिकों की भर्ती पर लगी रोक को हटाने की उनकी मांग भी मान ली गई है।

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