
ईरान के सांसद और राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रेज़ाई ने पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस्लामाबाद अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए उपयुक्त मध्यस्थ नहीं है।
रेज़ाई ने एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान हमारा अच्छा पड़ोसी और मित्र है, लेकिन वह मध्यस्थता के लिए उपयुक्त नहीं है। वह हमेशा अमेरिकी हितों की तरफ झुकाव रखता है। मध्यस्थ को निष्पक्ष होना चाहिए, न कि एक तरफ झुकना।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची कूटनीतिक दौरा तेज कर रहे हैं। अरागची शुक्रवार को दूसरी बार इस्लामाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात की। इससे पहले वे ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से मिल चुके हैं।
ईरानी मीडिया के अनुसार, बातचीत केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं है। इसमें हॉर्मुज स्ट्रेट के लिए नया कानूनी ढांचा, मुआवजे की मांग, आगे के सैन्य हमलों से सुरक्षा गारंटी और अमेरिकी समुद्री प्रतिबंध हटाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो वह सीधे संपर्क कर सकता है। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा, “अगर वे बात करना चाहते हैं तो हमारे पास आ सकते हैं या फोन कर सकते हैं। हमारे पास अच्छी और सुरक्षित लाइनें हैं।”
ईरानी सांसद के बयान से पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका पर सवाल उठ गए हैं, जबकि अरागची मॉस्को जाने वाले हैं ताकि वार्ता की गति बनी रहे।




