
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि वह अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपने को तैयार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाग़ई ने स्पष्ट कहा, “ईरान का संवर्धित यूरेनियम कहीं नहीं जाएगा।”
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि अमेरिका ईरान के परमाणु स्थलों पर पिछले साल हुए हमलों के बाद बचे ‘न्यूक्लियर डस्ट’ को अपने पास ले लेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर बड़े मशीनरी से खुदाई करेंगे और सामग्री अमेरिका लाएंगे। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि बातचीत अच्छी चल रही है और सौदा जल्दी हो जाएगा।
ईरान के मुताबिक, संवर्धित यूरेनियम उसके लिए अपनी मिट्टी जितना पवित्र है और इसे अमेरिका या कहीं भी ट्रांसफर करने का कोई प्रस्ताव बातचीत में कभी नहीं आया। ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण बताता रहा है, जबकि अमेरिका इसे हथियार बनाने की क्षमता रोकने पर जोर दे रहा है।
बातचीत में मुख्य अड़चन बरकरार
ईरान के पास करीब 900 पाउंड से ज्यादा 60% संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक है, जो दोनों पक्षों के बीच सबसे संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। ट्रंप ने कहा कि कोई पैसे का लेन-देन नहीं होगा, लेकिन ईरान ने किसी भी तरह के समझौते से इनकार किया।
मिश्रित संकेत और दबाव जारी
इस असहमति के बावजूद दोनों पक्ष सौदे की उम्मीद जता रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि बातचीत इस सप्ताहांत फिर शुरू हो सकती है। वहीं अमेरिका ने ईरानी जहाजों पर नौसैनिक ब्लॉकेड बनाए रखने की बात कही है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ब्लॉकेड जारी रहा तो वह जवाबी कदम उठाएगा।
होरमुज जलडमरूमध्य फिर खुला, लेकिन अनिश्चितता बाकी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा कि इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन के संघर्षविराम के दौरान होरमुज जलडमरूमध्य व्यावसायिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। ट्रंप ने भी इसे स्वागत योग्य बताया, लेकिन ईरानी जहाजों पर अमेरिकी पाबंदी बरकरार रखने की बात कही। शिपिंग डेटा में कुछ जहाज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ते दिखे, लेकिन पूरी स्वतंत्रता पर अभी संशय है।



