
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रामनगर के फंटो जोन में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से भाग लिया। इस दौरान ट्रेनिंग प्राप्त 180 पुरुष व महिला नेचर गाइड्स को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ये प्रमाण-पत्र सिर्फ नौकरी के कागज नहीं, बल्कि युवाओं के कौशल, मेहनत और प्रकृति संरक्षण के प्रति समर्पण की पहचान हैं।”
धामी ने फंटो जोन को इको-टूरिज्म और कम्युनिटी बेस्ड टूरिज्म का उत्कृष्ट मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि यहां बाघ देखने, वन्यजीवों और ट्री हाउस के अनुभव ने क्षेत्र को पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बना दिया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
रिवर्स माइग्रेशन पर जोर
सीएम ने बताया कि कई प्रमाणित गाइड्स गांव लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवा गांव में ही रहकर सम्मानजनक रोजगार करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इको-टूरिज्म, होमस्टे, एडवेंचर और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देकर रिवर्स माइग्रेशन को 44% बढ़ाया गया है।
धामी ने नेचर गाइड्स को उत्तराखंड की पहचान के दूत, वनों के रक्षक और वन्यजीव संरक्षण के साझेदार बताया। उन्होंने सभी से प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को मजबूत करने की अपील की।




