
ईरान में अमेरिका के साथ हुए समझौते के बाद सख्तपंथी गुटों ने सत्ताधारी नेतृत्व पर ‘सॉफ्ट कूप’ (soft coup) का आरोप लगाया है।
महिला दिवस पर पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अरागची के खिलाफ “Death to the compromiser” के नारे लगे। विदेश मंत्री पर पथराव भी किया गया।
सख्तपंथी गुटों का आरोप है कि वाशिंगटन के साथ समझौता कर सत्ताधारी नेता नये सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को किनारे कर रहे हैं। मोजतबा खामेनेई पिता की मृत्यु के बाद लगातार सार्वजनिक रूप से गायब हैं।
सख्तपंथियों की मांग
वे इजरायल और अमेरिका के हमलों का सैन्य जवाब चाहते हैं और समझौते का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। संसद में भी हार्डलाइनर सांसदों को महत्वपूर्ण समितियों से हटाया जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, ईरान की सत्ता में गहरी दरार उभर रही है, हालांकि रणनीतिक मुद्दों पर स्थापना अभी भी एकजुट दिखती है।




