
भूख हड़ताल के दौरान जंतर मंतर से हटाए जाने को “अवैध हिरासत” बताते हुए सोनम वांगचुक ने अस्पताल से समर्थकों को पहला संदेश भेजा है।
वांगचुक ने CJP के 20 जुलाई के संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की और पूरे अभियान को “भारत का दूसरा स्वतंत्रता संग्राम” बताया। उन्होंने “भयमुक्त और अन्यायमुक्त भारत” की बात कही।
यह संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो के माध्यम से जारी किया गया, जो एक crumpled कागज पर लिखा था।
स्वास्थ्य अपडेट
सफदरजंग अस्पताल ने रविवार को बताया कि वांगचुक की हालत स्थिर है, लेकिन लंबे उपवास के कारण उनके ब्लड पैरामीटर्स में हल्का बदलाव है। उन्हें मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की निगरानी में लगातार इलाज दिया जा रहा है।



