Monday , April 24 2017

प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग : आचार्य विनोबा भावे

प्रेरक-प्रसंग

आचार्य विनोबा भावे ने एक बार योजना आयोग की बैठक में पक्षपात किये जाने का भी आह्वाहन किया था। नई दिल्ली में योजना आयोग की एक बैठक थी और विनोबा जी ने अपने विचार स्पष्ठता से रखे कि:- कोई भी राष्ट्रीय योजना तब तक राष्ट्रीय कहलाने की हकदार नहीं हो ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा गांधी

प्रेरक-प्रसंग

महात्मा गांधी जी ने प्रारंभ में ही छुआछूत की आलोचना तो की परन्तु जाति के संबंध में पूर्व से चले आ रहे नियमों को वैसे ही रहने दिया। कुछ समय बाद उन्होंने दलितो के मंदिर में प्रवेश को लेकर आन्दोलन चलाया तथा साझा भोज पर बल दिया। बहुत बाद में ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा बुद्ध

प्रेरक-प्रसंग

एक बार बुद्ध कहीं प्रवचन दे रहे थे। अपनी देशना ख़त्म करते हुए उन्होंने आखिर में कहा, जागो, समय हाथ से निकला जा रहा है। सभा विसर्जित होने के बाद उन्होंने अपने प्रिय शिष्य आनंद से कहा, चलो थोड़ी दूर घूम कर आते हैं। आनंद बुद्ध के साथ चल दिए। ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा बुद्ध

प्रेरक-प्रसंग

एक बार तथागत बुद्ध वैशाली पहुंचे। समाचार सुनकर वहां की प्रसिद्ध न्रत्यांगना अम्बपाली भी उनके उपदेश सुनने पहुँची। तथागत एक वृक्ष की छाया में बैठे थे और हजारों उपासक उनके उपदेश सुन रहे थे। उपदेश समाप्त होने पर अम्बपाली ने नतमस्तक होकर तथागत को अपने यहां अगले दिन भोजन पर ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : बुद्धिमान कौन

प्रेरक-प्रसंग

वजीर के अवकाश लेने के बाद बादशाह ने वजीर के रिक्त पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार बुलवाए। कठिन परीक्षा से गुज़र कर तीन उम्मीदवार योग्य पाए गए। तीनों उम्मीदवारों से बादशाह ने एक-एक कर एक ही सवाल किया, ‘मान लो मेरी और तुम्हारी दाढ़ी में एकसाथ आग लग जाए ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा गांधी

प्रेरक-प्रसंग

गाँधी जी देश भर में भ्रमण कर चरखा संघ के लिए धन इकठ्ठा कर रहे थ। अपने दौरे के दौरान वे उड़ीसा में किसी सभा को संबोधित करने पहुंचे। उनके भाषण के बाद एक बूढ़ी ग़रीब महिला खड़ी हुई, उसके बाल सफ़ेद हो चुके थे, कपडे फटे हुए थे और ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : स्वामी विवेकानंद

प्रेरक-प्रसंग

एक विदेशी महिला स्वामी विवेकानंद के समीप आकर बोली मैं आपस शादी करना चाहती हूं। विवेकानंद बोले क्यों?मुझसे क्यों ?क्या आप जानती नहीं की मैं एक सन्यासी हूं?औरत बोली मैं आपके जैसा ही गौरवशाली, सुशील और तेजोमयी पुत्र चाहती हूं और वो वह तब ही संभव होगा। जब आप मुझसे ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : पंडित जवाहरलाल नेहरू

प्रेरक-प्रसंग

जवाहरलाल नेहरू जब भी इलाहाबाद में होते, गंगा के दर्शन करने जरूर जाते। वहां उन्हें काफ़ी सुकून मिलता था। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। एक बार जब कुंभ मेला लगा तो नेहरू जी भी आए। उनके आने से लोग रोमांचित थे। अपार जनसमूह के बीच उनकी ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा गांधी

प्रेरक-प्रसंग

कलकत्ता में हिन्दू – मुस्लिम दंगे भड़के हुए थे। तमाम प्रयासों के बावजूद लोग शांत नहीं हो रहे थे। ऐसी स्थिति में गाँधी जी वहां पहुंचे और एक मुस्लिम मित्र के यहाँ ठहरे। उनके पहुचने से दंगा कुछ शांत हुआ लेकिन कुछ ही दोनों में फिर से आग भड़क उठी। ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा बुद्ध

प्रेरक-प्रसंग

एक बार गौतम बुद्ध घूमते हुए एक नदी के किनारे पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि एक मछुआरा जाल बिछाता और उसमें मछलियां फंसने पर उन्हें किनारे रख दोबारा जाल डाल देता। मछलियां पानी के बिना तड़पती हुई मर जातीं। बुद्ध यह देखकर द्रवित हो गए और मछुआरे के पास जाकर ...

Read More »
LIVE TV