Wednesday , May 24 2017

प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग : नेताजी सुभाष चंद्र बोस

प्रेरक-प्रसंग

बात उस समय की है जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंग्लैंड में आईसीएस का इंटरव्यू देने गए। वहां उनका इंटरव्यू लेने वाले सभी अधिकारी अंग्रेज थे। दरअसल, वे भारतीयों को किसी उच्च पद पर नहीं देखना चाहते थे। इसलिए इंटरव्यू में अजीबो-गरीब और कठिन से कठिन प्रश्न पूछकर भारतीयों को ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : भगवान बुद्ध

प्रेरक-प्रसंग

भगवान बुद्ध धर्म प्रचार करते हुए काशी की ओर जा रहे थे। रास्ते में जो भी उनके सत्संग के लिए आता, उसे वह बुराइयां त्यागकर अच्छा बनने का उपदेश देते। उसी दौरान उन्हें उपक नाम का एक गृहत्यागी मिला। वह गृहस्थ को सांसारिक प्रपंच मानता था और किसी मार्गदर्शक की ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा गांधी

प्रेरक-प्रसंग

बात 1926 की है। गांधी जी उन दिनों साबरमती आश्रम में रहा करते थे। दीनबंधु सी.एफ़. एण्ड्रूज़ भी उन दिनों वहीं थे। दीनबन्धु दया के सागर थे, दूसरों का दुख देख वे द्रवित हो जाते थे। एक दिन मालाबार की ओर से कांग्रेस कमेटी का मंत्री गांधी जी के पास ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा गांधी

प्रेरक-प्रसंग

बात 1926 की है। गांधी जी उन दिनों साबरमती आश्रम में रहा करते थे। दीनबंधु सी.एफ़. एण्ड्रूज़ भी उन दिनों वहीं थे। दीनबन्धु दया के सागर थे, दूसरों का दुख देख वे द्रवित हो जाते थे। एक दिन मालाबार की ओर से कांग्रेस कमेटी का मंत्री गांधी जी के पास ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : सोच का फर्क

प्रेरक-प्रसंग

एक शहर में एक धनी व्यक्ति रहता था। उसके पास बहुत पैसा था और उसे इस बात पर बहुत घमंड भी था। एक बार किसी कारण से उसकी आँखों में इंफेक्शन हो गया। आँखों में बुरी तरह जलन होती थी । वह डॉक्टर के पास गया लेकिन डॉक्टर उसकी इस ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : राजा और किसान

प्रेरक-प्रसंग

चाँदपुर इलाके के राजा कुँवरसिंह जी बड़े अमीर थे। उन्हें किसी चीज़ की कमी नहीं थी, फिर भी उनका स्वास्थ्य अच्छा नहीं था। बीमारी के मारे वे सदा परेशान रहते थे। कई वैद्यों ने उनका इलाज किया, लेकिन उनको कुछ फ़ायदा नहीं हुआ। राजा की बीमारी बढ़ती गई। सारे नगर ...

Read More »

प्रेरक प्रसंग : आचार्य विनोबा भावे

प्रेरक-प्रसंग

आचार्य विनोबा भावे ने एक बार योजना आयोग की बैठक में पक्षपात किये जाने का भी आह्वाहन किया था। नई दिल्ली में योजना आयोग की एक बैठक थी और विनोबा जी ने अपने विचार स्पष्ठता से रखे कि:- कोई भी राष्ट्रीय योजना तब तक राष्ट्रीय कहलाने की हकदार नहीं हो ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : चतुर राजा

प्रेरक-प्रसंग

वजीर के अवकाश लेने के बाद बादशाह ने वजीर के रिक्त पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार बुलवाए। कठिन परीक्षा से गुज़र कर तीन उम्मीदवार योग्य पाए गए। तीनों उम्मीदवारों से बादशाह ने एक-एक कर एक ही सवाल किया, ‘मान लो मेरी और तुम्हारी दाढ़ी में एकसाथ आग लग जाए ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा बुद्ध

प्रेरक-प्रसंग

भगवान बुद्ध अक्सर अपने शिष्यों को शिक्षा प्रदान किया करते थे। एक दिन प्रातः काल बहुत से भिक्षुक उनका प्रवचन सुनने के लिए बैठे थे। बुद्ध समय पर सभा में पहुंचे, पर आज शिष्य उन्हें देखकर चकित थे क्योंकि आज पहली बार वे अपने हाथ में कुछ लेकर आए थे। ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा गांधी

प्रेरक-प्रसंग

1926 की बात है। गांधी जी दक्षिण भारत की यात्रा पर थे। उनके साथ अन्य सहयोगियों के अलावा काकासाहेब कालेलकर भी थे। वे सुदूर दक्षिण में नागर-कोइल पहुंचे। वहां से कन्याकुमारी काफ़ी पास है। इस दौरे के पहले के किसी दौरे में गांधी जी कन्याकुमारी हो आए थे। वहां के ...

Read More »
LIVE TV