Saturday , April 29 2017

प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा गांधी

प्रेरक-प्रसंग

गाँधी जी देश भर में भ्रमण कर चरखा संघ के लिए धन इकठ्ठा कर रहे थ। अपने दौरे के दौरान वे उड़ीसा में किसी सभा को संबोधित करने पहुंचे। उनके भाषण के बाद एक बूढ़ी ग़रीब महिला खड़ी हुई, उसके बाल सफ़ेद हो चुके थे, कपडे फटे हुए थे और ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : स्वामी विवेकानंद

प्रेरक-प्रसंग

एक विदेशी महिला स्वामी विवेकानंद के समीप आकर बोली मैं आपस शादी करना चाहती हूं। विवेकानंद बोले क्यों?मुझसे क्यों ?क्या आप जानती नहीं की मैं एक सन्यासी हूं?औरत बोली मैं आपके जैसा ही गौरवशाली, सुशील और तेजोमयी पुत्र चाहती हूं और वो वह तब ही संभव होगा। जब आप मुझसे ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : पंडित जवाहरलाल नेहरू

प्रेरक-प्रसंग

जवाहरलाल नेहरू जब भी इलाहाबाद में होते, गंगा के दर्शन करने जरूर जाते। वहां उन्हें काफ़ी सुकून मिलता था। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। एक बार जब कुंभ मेला लगा तो नेहरू जी भी आए। उनके आने से लोग रोमांचित थे। अपार जनसमूह के बीच उनकी ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा गांधी

प्रेरक-प्रसंग

कलकत्ता में हिन्दू – मुस्लिम दंगे भड़के हुए थे। तमाम प्रयासों के बावजूद लोग शांत नहीं हो रहे थे। ऐसी स्थिति में गाँधी जी वहां पहुंचे और एक मुस्लिम मित्र के यहाँ ठहरे। उनके पहुचने से दंगा कुछ शांत हुआ लेकिन कुछ ही दोनों में फिर से आग भड़क उठी। ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा बुद्ध

प्रेरक-प्रसंग

एक बार गौतम बुद्ध घूमते हुए एक नदी के किनारे पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि एक मछुआरा जाल बिछाता और उसमें मछलियां फंसने पर उन्हें किनारे रख दोबारा जाल डाल देता। मछलियां पानी के बिना तड़पती हुई मर जातीं। बुद्ध यह देखकर द्रवित हो गए और मछुआरे के पास जाकर ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा गांधी

प्रेरक-प्रसंग

एक दिन साबरमती आश्रम के पास किसी गांव के लोग महात्मा गांधी के पास आये और कहने लगे बापू हमने अपने गांव में एक सभा का आयोजन किया है आप समय निकाल कर आयें और हमारा मार्गदर्शन करें तो बड़ी कृपा होगी गांधी जी ने अगले दिन के लिये निर्धारित ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा बुद्ध

प्रेरक-प्रसंग

महात्मा बुद्ध को एक सभा में भाषण करना था। जब समय हो गया तो महात्मा बुद्ध आए और बिना कुछ बोले ही वहाँ से चल गए। तकरीबन एक सौ पचास के क़रीब श्रोता थे। दूसरे दिन तकरीबन सौ लोग थे पर फिर उन्होंने ऐसा ही किया बिना बोले चले गए। ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : आत्मविश्वास से विजय

प्रेरक-प्रसंग

यह घटना है साल 1960 की। स्थान था यूरोप का भव्य ऐतिहासिक नगर तथा इटली की राजधानी रोम। सारे विश्व की निगाहें 25 अगस्त से 11 सितंबर तक होने वाले ओलंपिक खेलों पर टिकी हुई थीं। इन्हीं ओलंपिक खेलों में एक बीस वर्षीय अश्वेत बालिका भी भाग ले रही थी। ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : पंडित जवाहरलाल नेहरू

प्रेरक-प्रसंग

एक बार जब जवाहरलाल नेहरू तमिलनाडु के दौरे पर गए तब जिस सड़क से वे गुजर रहे थे वहां लोग साइकलों पर खड़े होकर तो कहीं दीवारों पर चढ़कर नेताजी को निहार रहे थे. प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए हर आदमी इतना उत्सुक था कि जिसे जहां समझ ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महात्मा बुद्ध

प्रेरक-प्रसंग

एक बार बुद्ध से मलुक्यपुत्र ने पूछा, भगवन आपने आज तक यह नहीं बताया कि मृत्यु के उपरान्त क्या होता है? उसकी बात सुनकर बुद्ध मुस्कुराये, फिर उन्होंने उससे पूछा, पहले मेरी एक बात का जबाव दो। अगर कोई व्यक्ति कहीं जा रहा हो और अचानक कहीं से आकर उसके ...

Read More »
LIVE TV