Wednesday , February 22 2017

प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग : हीरे की परख

प्रेरक-प्रसंग

एक राजा का दरबार लगा हुआ था, क्योंकि सर्दी का दिन था इसलिये राजा का दरवार खुले में लगा हुआ था। पूरी आम सभा सुबह की धूप मे बैठी थी ..महाराज के सिंहासन के सामने…एक शाही मेज थी…और उस पर कुछ कीमती चीजें रखी थीं. पंडित लोग, मंत्री और दीवान ...

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प्रेरक-प्रसंग : दो चाभियां

प्रेरक-प्रसंग

एक पान वाला था। जब भी पान खाने जाओ ऐसा लगता कि वह हमारा ही रास्ता देख रहा हो। हर विषय पर बात करने में उसे बड़ा मज़ा आता। कई बार उसे कहा कि “भाई देर हो जाती है जल्दी पान लगा दिया करो” पर उसकी बात ख़त्म ही नही ...

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प्रेरक-प्रसंग : सोच का फर्क

प्रेरक-प्रसंग

एक शहर में एक धनी व्यक्ति रहता था । उसके पास बहुत पैसा था और उसे इस बात पर बहुत घमंड भी था । एक बार किसी कारण से उसकी आँखों में इंफेक्शन हो गया । आँखों में बुरी तरह जलन होती थी । वह डॉक्टर के पास गया लेकिन ...

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प्रेरक प्रसंग : केवल लक्ष्य पर ध्यान लगाओ

प्रेरक प्रसंग

एक बार स्वामी विवेकानंद अमेरिका में भ्रमण कर रहे थे। अचानक, एक जगह से गुजरते हुए उन्होंने पुल पर खड़े कुछ लड़कों को नदी में तैर रहे अंडे के छिलकों पर बन्दूक से निशाना लगाते देखा। किसी भी लड़के का एक भी निशाना सही नहीं लग रहा था। तब उन्होंने ...

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प्रेरक-प्रसंग : रेशम का धागा

प्रेरक-प्रसंग

एक सम्राट अपने वजीर पर नाराज हो गया। और उसने वजीर को आकाश-छूती एक मीनार में कैद कर दिया। वहां से कूद कर भागने का कोई उपाय न था। कूद कर भागता तो प्राण ही खो जाते। लेकिन वजीर जब कैद किया जा रहा था, तब उसने अपनी पत्नी के ...

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प्रेरक-प्रसंग : किसान और मजदूर

प्रेरक-प्रसंग

बहुत समय पहले की बात है , भारत के पहाड़ी क्षेत्र में एक किसान रहता था। उसे अपने खेत में काम करने वालों की बड़ी ज़रुरत रहती थी लेकिन ऐसी खतरनाक जगह , जहाँ आये दिन आंधी–तूफ़ान आते रहते हों , कोई काम करने को तैयार नहीं होता था। किसान ...

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प्रेरक-प्रसंग : राजा और संत

प्रेरक-प्रसंग

बहुत समय पहले की बात है। धार्मिक विचारों वाले एक राजा के पास कोई संत मिलने आए राजा प्रसन्न हो गया। भाव विभोर और आंखों में खुशी के आंसू के साथ राजा बोले, ‘मेरी इच्छा है कि आज आपके मन की कोई भी मुराद मैं पूरी करूं। बताइए आपको क्या ...

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प्रेरक-प्रसंग : संत और शिष्य

प्रेरक-प्रसंग

एक संत सुबह अपने शिष्यों के बीच बैठकर प्रभु से प्रार्थना कर रहे थे। उन्होंने सबसे पहले पूरी मानव जाति के कल्याण के लिए प्रार्थना की। उसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, ‘हे परम पिता, आप दुष्कर्म करने वालों को सदबुद्धि प्रदार करें। उनको सही रास्ता दिखाएं, ताकि वे दुष्कर्म ...

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प्रेरक-प्रसंग : बौद्ध भिक्षु

प्रेरक-प्रसंग

एक सिद्ध बौद्ध भिक्षु अपने शिष्यों के साथ नगर भ्रमण पर निकले। उन्होंने देखा कि वहां एक ही परिवार के कुछ लोग आपस में बात करते हुए एक दूसरे पर क्रोधित हो रहे थे। यह दृश्य देखकर एक शिष्य से रहा नहीं गया। उसने तुरंत बौद्ध भिक्षु से पूछा क्रोध ...

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प्रेरक प्रसंग : दूरदर्शिता

प्रेरक प्रसंग

भारत की आज़ादी के लिए ‘आज़ाद हिन्द फौज’ का संगठन बहुत अच्छा बन गया था और वह बड़े हौसले से काम कर रही थी। अकस्मात एक दिन साम्प्रदायिक विद्वेष भड़क उठा। हिन्दुओं का कहना था कि रसोई में गाय का मांस नहीं बनेगा। दूसरी ओर मुसलमानों का आग्रह था कि ...

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