Sunday , October 22 2017

प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग : आत्मविश्वास

प्रेरक-प्रसंग

न्यूयार्क में एडवर्ड ऐनिस नामक एक व्यक्ति रहता था। वह धर्म-कर्म और ईश्वर में बहुत विश्वास रखता था पर अपने अनेक संबंधियों में सबसे अधिक निर्धन वही था। तो भी वह इतना आत्म-विश्वासी था कि इसी एक गुण के कारण उसका सभी सम्मान करते थे। निर्धनता की अवस्था में काफी ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : संतुष्टि

प्रेरक-प्रसंग

एक बार बाल गंगाधर अपने कुछ मित्रों के साथ बात कर रहे थे। उन दिनों उन्होंने वकालत पास की थी। एक मित्र बोला, ‘तिलक, वकालत तो तुमने पास कर ली है। किंतु आगे के लिए क्या सोचा है? क्या अब सरकारी नौकरी करोगे याकिसी कोर्ट कचहरी में वकालत?’ मित्र की ...

Read More »

प्रेरक प्रसंग : धैर्य

प्रेरक प्रसंग

बाल गंगाधर तिलक भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी थे पर साथ ही साथ वे अद्वितीय कीर्तनकार, तत्वचिंतक, गणितज्ञ, धर्म प्रवर्तक और दार्शनिक भी थे। हिंदुस्तान में राजकीय असंतोष मचाने वाले इस करारी और निग्रही महापुरुष को अंग्रेज़ सरकार ने मंडाले के कारागृह में छह साल के लिए भेज दिया। ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : महानता के लक्षण

प्रेरक-प्रसंग

एक बालक नित्य विद्यालय पढ़ने जाता था। घर में उसकी माता थी। माँ अपने बेटे पर प्राण न्योछावर किए रहती थी, उसकी हर माँग पूरी करने में आनंद का अनुभव करती। पुत्र भी पढ़ने-लिखने में बड़ा तेज़ और परिश्रमी था। खेल के समय खेलता, लेकिन पढ़ने के समय का ध्यान ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : समस्या का समाधान

प्रेरक-प्रसंग

भगवान बुद्ध अक्सर अपने शिष्यों को शिक्षा प्रदान किया करते थे। एक दिन प्रातः काल बहुत से भिक्षुक उनका प्रवचन सुनने के लिए बैठे थे। बुद्ध समय पर सभा में पहुंचे, पर आज शिष्य उन्हें देखकर चकित थे क्योंकि आज पहली बार वे अपने हाथ में कुछ लेकर आए थे। ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : सफलता का मंत्र

प्रेरक-प्रसंग

एक बार एक सीधे पहाड़ में चढ़ने की प्रतियोगिता हुई। बहुत लोगों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता को देखने वालों की सब जगह भीड़ जमा हो गयी। माहौल में सरगर्मी थी, हर तरफ शोर ही शोर था। प्रतियोगियों ने चढ़ना शुरू किया। लेकिन सीधे पहाड़ को देखकर भीड़ में एकत्र हुए ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : जिंदगी का सबक

प्रेरक-प्रसंग

एक कालेज का छात्र था जिसका नाम था रवि। हमेशा वह बहुत चुपचाप सा रहता था। किसी से ज्यादा बात नहीं करता था इसलिए उसका कोई दोस्त भी नहीं था। वह हमेशा कुछ परेशान सा रहता था। पर लोग उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। एक दिन वह क्लास ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : क्रोध विनाश का कारण

प्रेरक-प्रसंग

बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ मे निर्णायक थी- मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार-जीत का निर्णय होना बाक़ी था, इसी बीच देवी भारती को किसी आवश्यक कार्य से कुछ समय के लिये बाहर ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : बुद्धिमान कौन

प्रेरक-प्रसंग

वजीर के अवकाश लेने के बाद बादशाह ने वजीर के रिक्त पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार बुलवाए। कठिन परीक्षा से गुज़र कर 3 उम्मीदवार योग्य पाए गए। तीनों उम्मीदवारों से बादशाह ने एक-एक कर एक ही सवाल किया, ‘मान लो मेरी और तुम्हारी दाढ़ी में एकसाथ आग लग जाए ...

Read More »

प्रेरक प्रसंग : खुशी

प्रेरक-प्रसंग

एक बार की बात है, दीपावली की शाम थी, मैं दिये सजा ही रहा था कि एक ओर से दीपों के बात करने की आवाज़ सुनाई दी। मैंने ध्यान लगा कर सुना। चार दीपक आपस में बात कर रहे थे। कुछ अपनी सुना रहे थे कुछ दूसरों की सुन रहे ...

Read More »
LIVE TV