Thursday , January 19 2017

प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग : लालबहादुर शास्त्री

प्रेरक-प्रसंग

एक बार पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री एक कपड़े की एक दुकान में साड़ियाँ खरीदने गए। दुकान का मालिक शास्त्री जी को देख प्रसन्न हो गया। उसने उनके आने को अपना सौभाग्य मान, उनकी आव-भगत करनी चाही। शास्त्री जी ने उससे कहा कि वे जल्दी में हैं और उन्हें चार-पांच साड़ियाँ ...

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प्रेरक-प्रसंग : जब रो पड़े महात्मा बुद्ध

प्रेरक-प्रसंग

महात्मा बुद्ध भ्रमण पर थे। काफी थक गए थे। रास्ते में एक आम का बगीचा दिखाई दिया। वे वहां रुक गए। नीचे गिरे हुए मीठे आम खाए और आराम करने लगे। तभी वहां कुछ युवकों का झुंड आया। युवक पत्थर मारकर पेड़ पर लगे हुए आम गिराने लगे। पेड़ के ...

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प्रेरक-प्रसंग : स्वामी विवेकानंद

प्रेरक-प्रसंग

बात सन् 1886 की है। यात्रा के दौरान स्वामी विवेकानंद हाथरस स्टेशन पर उतरे। वहां उनका स्वास्थ्य खराब हो गया। हाथरस के स्टेशन मास्टर सुरेंद्र गुप्ता ने स्वामीजी को अपने घर ले जाकर सेवा की और उनसे इतने प्रभावित हुए कि स्वयं भी संन्यास लेने की इच्छा प्रकट कर दी। ...

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प्रेरक-प्रसंग : भाग्य बड़ा या कर्म

प्रेरक-प्रसंग

इस दुनिया में कर्म को मानने वाले लोग कहते हैं भाग्य कुछ नहीं होता। और भाग्यवादी लोग कहते हैं किस्मत में जो कुछ लिखा होगा वही होके रहेगा। यानी इंसान कर्म और भाग्य इन दो बिंदुओं की धूरी पर घूमता रहता है। और एक दिन इस जग को अलविदा कहकर ...

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प्रेरक प्रसंग : दुकान में शास्त्री जी

प्रेरक प्रसंग

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री कपड़े की एक दुकान में साड़ियां ख़रीदने गए। दुकान का मालिक शास्त्री जी को देख बेहद प्रसन्न हुआ। उसने उनके आने को अपना सौभाग्य माना और उनका स्वागत-सत्कार किया। शास्त्री जी ने उससे कहा कि वे जल्दी में हैं और उन्हें चार-पांच साड़ियां चाहिए। दुकान ...

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प्रेरक-प्रसंग : महात्मा बुद्ध और गिलहरी

प्रेरक-प्रसंग

एक बार महात्मा बुद्ध ज्ञान प्राप्ति के लिये घोर तप कर रहे थे| उन्होंने अपने शरीर को काफी कष्ट दिया, घने जंगलों में कड़ी साधना की , पर आत्म-ज्ञान की प्राप्ति नहीं हुई| कुछ समय बाद निराश हो कर बुद्ध सोचने लगे –मैंने अभी तक कुछ भी प्राप्त नहीं किया ...

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प्रेरक-प्रसंग : संन्यासी और गाय

प्रेरक-प्रसंग

दो संन्यासी युवक यात्रा करते-करते किसी गांव में पहुंचे। वहां लोगों से पूछा हमें एक रात्रि यहां रहना है किसी पवित्र परिवार का घर दिखाओ। लोगों ने बताया कि वहां एक चाचा का घर है। साधु-महात्माओं का आदर सत्कार करते हैं। अखिल ब्रह्माण्डमां एक तुं श्रीहरि’ का पाठ उनका पक्का ...

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प्रेरक-प्रसंग : साधु का उपदेश

प्रेरक-प्रसंग

एक संत से एक बार एक व्यक्ति मिलने आया। उसने कहा, ‘महाराज मैं बहुत पापी व्यक्ति हूं। मुझे उपदेश दीजिए।’ संत ने कहा, अच्छा एक काम करो जो तुमको अपने से पापी, ‘तुच्छ और बेकार वस्तु लगे उसे मेरे पास लेकर आओ।’ उस व्यक्ति को सबसे पहले श्वान मिला। लेकिन ...

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प्रेरक-प्रसंग : स्वामी विवेकानंद और मां शारदा

प्रेरक-प्रसंग

जब स्वामी विवेकानंद शिकागो की धर्मसभा में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। तब वह यात्रा पर जाने से पूर्व वह स्वामी रामकृष्ण परमहंस की धर्मपत्नी गुरु मां शारदा से आशीर्वाद लेने गए। चरण स्पर्श के पश्चात गुरु मां से वह बोले, ‘मुझे भारतीय संस्कृति पर बोलने के लिए ...

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प्रेरक-प्रसंग : स्वामी विवेकानंद और मूर्ति पूजा

प्रेरक-प्रसंग

एक बार स्वामी विवेकानंद जी को एक धनी व्यक्ति ने सम्मान पूर्वक बुलाया। स्वामी जी उसके घर पहुंचे। तो धनी व्यक्ति बोला, ‘हिंदू मूर्ति पूजा करते हैं। मूर्ति पीतल, मिट्टी और पत्थर की होती है। लेकिन मैं यह सब नहीं मानता।’ विवेकानंद जी ने ने अचानक देखा कि उस धनी ...

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