प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग: सच्चा प्यार

सच्चा प्यार

एक बार की बात है कि एक लड़की ने एक बुजुर्ग से पूछा कि मैंने सुना है कि सच्चा प्यार कम ही लोगों को नसीब होता है। ऐसा क्यों होता है? क्या यह बात सच है? बुजुर्ग ने कहा कि मैं बताता हूं, लेकिन पहले तुम एक काम करो। कल ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग: अगर आपके विचार भी नहीं छिपते तो ये कहानी आप ही के लिए है

प्रेरक-प्रसंग

महाभारत के समय की बात है। पांडव स्वयंवर में दी गई शर्त को जीत चुके थे। शर्त के अनुसार द्रौपदी स्वयंवर अर्जुन के साथ हो गया। इसके बाद पांडव द्रौपदी को साथ लेकर अपनी कुटिया में आ गए। पांडव उस समय अज्ञातवास में थे। एक ब्रह्माण द्वारा स्वयंवर में विजयी ...

Read More »

प्रेरक प्रसंग : श्रम का पुरस्कार

श्रम का पुरस्कार

बहुत दिनों पहले की बात है, गिलहरी पूरी तरह काली हुआ करती थी। छोटी-छोटी झाड़ियों के बीच, घास के मैदानों में, ऊँचे बड़े पेड़ों पर रेंगती फिरती कूदती फाँदती लेकिन लोग उसे सुंदर प्राणी नहीं समझते थे। गिलहरी को गाँव के परिवारों के साथ रहना पसंद था लेकिन गाँव वाले ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : दिमाग से बड़ा तजुर्बा

दिमाग से बड़ा तजुर्बा

यह जापान में प्रबंधन के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाने वाला बहुत पुराना किस्सा है जिसे ‘साबुन के खाली डिब्बे का किस्सा’ कहते हैं। कई दशक पहले जापान में साबुन बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी को अपने एक ग्राहक से यह शिकायत मिली कि उसने साबुन का व्होल-सैल पैक खरीदा था ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : सहनशीलता

सहनशीलता

एक दरोगा संत दादू की ईश्वर भक्ति और सिद्धि से बहुत प्रभावित था। उन्हें गुरु मानने की इच्छा से वह उनकी खोज में निकल पड़ा। लगभग आधा जंगल पार करने के बाद दरोगा को केवल धोती पहने एक साधारण-सा व्यक्ति दिखाई दिया। वह उसके पास जाकर बोला, “क्यों बे तुझे ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : गुरु-चेला

गुरु-चेला

एक दरोगा संत दादू की ईश्वर भक्ति और सिद्धि से बहुत प्रभावित था। उन्हें गुरु मानने की इच्छा से वह उनकी खोज में निकल पड़ा। लगभग आधा जंगल पार करने के बाद दरोगा को केवल धोती पहने एक साधारण-सा व्यक्ति दिखाई दिया। वह उसके पास जाकर बोला, “क्यों बे तुझे ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : बुरी संगति

बुरी संगति

पुराने समय की बात है। एक राज्य में एक राजा था। किसी कारण से वह अन्य गाँव में जाना चाहता था। एक दिन वह धनुष-बाण सहित पैदल ही चल पड़ा। चलते-चलते राजा थक गया। अत: वह बीच रास्ते में ही एक विशाल पेड़ के नीचे बैठ गया। राजा अपने धनुष-बाण ...

Read More »

ये है जिंदगी में खुश रहने का इकलौता तरीका

इकलौता तरीका

किसी नगर में एक विद्वान साधु रहता था। लोग उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आते और समाधान पाकर प्रसन्नचित्त होकर लौट जाते। एक दिन एक सेठ साधु के पास आकर बोला, ‘महाराज, मेरे पास किसी चीज की कमी नहीं है फिर भी मेरा मन अशांत रहता है। कृपया बताएं कि ...

Read More »

प्रेरक-प्रसंग : राजा की चतुराई

राजा की चतुराई

वजीर के अवकाश लेने के बाद बादशाह ने वजीर के रिक्त पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार बुलवाए। कठिन परीक्षा से गुज़र कर तीन उम्मीदवार योग्य पाए गए। तीनों उम्मीदवारों से बादशाह ने एक-एक कर एक ही सवाल किया, ‘मान लो मेरी और तुम्हारी दाढ़ी में एकसाथ आग लग जाए ...

Read More »

आज का पंचांग, 13 फरवरी 2019, दिन-बुधवार

आज का पंचांग

विक्रम संवत:- 2075 शक संवत:- 1940 वार:-बुधवार ऋतु:- हेमन्त अयन:- दक्षिणायण मास:- माघ पक्ष:-शुक्ल पक्ष नक्षत्र:अश्विनी योग:-शुभ तिथि:-अष्टमी दिशाशूल:- उत्तर में सूर्योदय:- 07:01 सूर्यास्त:- 06:09 राहुकाल:- दोपहर   02:20 से 04:42 बजे तक =>

Read More »
LIVE TV