गुरूवार , जून 21 2018

दलित और हरिजन शब्दों पर लगी रोक, केवल एससी/एसटी का होगा इस्तेमाल

दलित और हरिजन शब्दों पर लगी रोकनई दिल्ली। केरल सरकार के पब्लिक रिलेशन विभाग ने दलित और हरिजन शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए सर्कुलर जारी किया है। राज्य एसस एसटी/एससी आयोग की सिफारिश का हवाला देते हुए सूचना विभाग ने नोटिस जारी किया है।

पीआर विभाग ने सर्कुलर के जरिए सभी सरकारी पब्लिकेशन और सरकार की प्रचार-प्रसार सामग्री में ‘दलित’, ‘हरिजन’ शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की अपील की है।

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इन शब्दों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर विभिन्न सरकारी महकमों में चल रही बहस के बीच यह सर्कुलर आया है। सर्कुलर में दलित दलित/हरिजन शब्दों की जगह एससी/एसटी शब्द इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है।

खबरों के मुताबिक एससी/एसटी कमिशन के सूत्रों का कहना है कि इन शब्दों पर बैन लगाने के पीछे सामाजिक भेदभाव को खत्म करने का है। लेकिन दलित आंदोलनकारियों को सरकार का यह फैसला बिलकुल भी पसंद नहीं आया।

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उनका कहना है कि सरकार का यह कदम वह स्वीकार नहीं कर सकते, क्योंकि दलित शब्द उन्हें एक सामाजिक-राजनीतिक पहचान देता है। एक दलित आंदोलनकारी ने कहा कि सरकार इस तरह के मुद्दों में क्यों घुसना चाहती है। हालांकि इस मामले में अंतिम आदेश लोगों से बात करने के बाद ही आएगा।बैन

खबरों के मुताबिक एससी/एसटी कमिशन के सूत्रों का कहना है कि इन शब्दों पर बैन लगाने के पीछे सामाजिक भेदभाव को खत्म करने का है। लेकिन दलित आंदोलनकारियों को सरकार का यह फैसला बिलकुल भी पसंद नहीं आया।

उनका कहना है कि सरकार का यह कदम वह स्वीकार नहीं कर सकते, क्योंकि दलित शब्द उन्हें एक सामाजिक-राजनीतिक पहचान देता है। एक दलित आंदोलनकारी ने कहा कि सरकार इस तरह के मुद्दों में क्यों घुसना चाहती है। हालांकि इस मामले में अंतिम आदेश लोगों से बात करने के बाद ही आएगा।

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