
महिलाओं के आरक्षण बिल के लोकसभा में फेल होने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसे “लोकतंत्र की बड़ी जीत” बताया। उन्होंने कहा कि यह एनडीए के लिए “ब्लैक डे” है क्योंकि पहली बार उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा है।
शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा, “कल जो हुआ, वह लोकतंत्र की बड़ी जीत है। यह संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिश के खिलाफ भी जीत है। सत्ता पक्ष के चेहरों पर इसका असर साफ दिख रहा था।”
प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्ता में बने रहने के लिए एक बड़ी साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि अचानक सत्र बुलाकर सरकार स्थायी सत्ता बनाने की कोशिश कर रही थी। “वे चाहते थे कि बिल पास हो जाए तो उनकी जीत, न पास हो तो भी उनकी जीत। लेकिन ऐसा आसान नहीं है।”
सीटों की संख्या बढ़ाने पर सवाल
प्रियंका ने महिलाओं के आरक्षण बिल को परिसीमन (डेलिमिटेशन) से जोड़ने पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि संस्थाओं का सम्मान न करने वाली सरकार को लोकसभा की सीटों की संख्या इतने बड़े पैमाने पर बदलने की अनुमति कैसे दी जा सकती है?
उन्होंने कहा, “यह वास्तव में महिलाओं के आरक्षण के बारे में नहीं था, अब यह साफ हो गया है। देश की महिलाओं को बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता।”
प्रियंका ने विपक्ष की एकता की तारीफ करते हुए कहा, “मैं बहुत खुश हूं। आपने देखा कि जब विपक्ष एकजुट होता है तो क्या होता है।” उन्होंने सरकार से अपील की कि अगर वे महिलाओं के लिए कुछ करना चाहते हैं तो 2023 वाला पुराना बिल लाएं, विपक्ष उसका समर्थन करेगा।



