
पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर गहरी राय नहीं बन पाई। अमेरिका ने ईरान से यूरेनियम संवर्धन पर 20 साल का फ्रीज मांगा, जबकि ईरान ने केवल 5 साल का समय देने का प्रस्ताव रखा।
यह बड़ा मतभेद ही बातचीत के फेल होने का मुख्य कारण बना। अमेरिका ने ईरान के सभी हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को हटाने की भी मांग की, जिसे ईरान ने मॉनिटरिंग के साथ डाउन-ब्लेंडिंग का विकल्प दिया। दोनों पक्षों के बीच यह फासला बहुत बड़ा था।
राजनीतिक विश्लेषक इयान ब्रेमर ने कहा कि दोनों देश 12.5 साल के सस्पेंशन पर करीब आ रहे हैं, लेकिन अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ।
बातचीत पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की की मध्यस्थता में हुई थी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर आरोप लगाया, जिससे ईरानी पक्ष नाराज हो गया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान से जुड़े शिपिंग पर नौसैनिक ब्लॉकेड लगा दिया है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान सौदा करना चाहता है, लेकिन दबाव बढ़ाया जा रहा है। मौजूदा संघर्ष विराम 21 अप्रैल को खत्म होने वाला है।



