
इस्लामाबाद में इस सप्ताहांत अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम शांति वार्ता से पहले पाकिस्तान ने मिडिल ईस्ट में अपने लड़ाकू विमानों का बड़ा बेड़ा तैनात कर दिया है। पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) ने JF-17 थंडर, F-16, IL-78 रिफ्यूलिंग टैंकर, C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और AWACS विमान तैनात किए हैं।
मुख्य वजह
ईरान की एयर फोर्स युद्ध में लगभग तबाह हो चुकी है। इसलिए पाकिस्तान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को इजरायल की किसी भी संभावित “मिसअडवेंचर” या तोड़फोड़ से बचाने के लिए यह व्यापक एयर एस्कॉर्ट दे रहा है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक पाकिस्तानी जेट्स ईरान के बंदर अब्बास के पास और फारस की खाड़ी में दिखे हैं। ये जेट्स ईरानी डेलिगेशन के विमान को इस्लामाबाद तक तीन घंटे की उड़ान के दौरान सुरक्षा कवर देंगे।
AWACS विमान पूरे एयरस्पेस पर नजर रख रहे हैं, जबकि रिफ्यूलिंग टैंकर लड़ाकू विमानों को लंबे समय तक हवा में रहने की क्षमता दे रहे हैं।
पाकिस्तान पर दबाव
पाकिस्तान ने अप्रैल 8 को चीन की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर कराया था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। अब वह स्थायी शांति समझौते की मध्यस्थता कर रहा है। लेकिन इजरायल के साथ तनाव के कारण पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि और मध्यस्थ भूमिका को लेकर सतर्क है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को “मानवता के लिए अभिशाप” और “कैंसर जैसी सत्ता” बताया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। आसिफ को बाद में पोस्ट डिलीट करना पड़ा। इस विवाद ने पाकिस्तान की निष्पक्ष मध्यस्थता पर सवाल उठा दिए हैं।
सुरक्षा का व्यापक इंतजाम
इस्लामाबाद को किले में बदल दिया गया है। रेड जोन सील है, सड़कें बंद हैं और हवाई सुरक्षा भी सक्रिय कर दी गई है। अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD वेंस करेंगे, जबकि ईरानी पक्ष का नेतृत्व संसद स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची के नेतृत्व में होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पाकिस्तान एयर फोर्स की शांतिकाल की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है, जिसे कुछ लोग “आयरन एस्कॉर्ट” नाम दे रहे हैं।



