
उत्तर प्रदेश में लगभग चार साल बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार योग्य IPS अधिकारियों की सूची संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेज दी है। इस सूची में 18 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जो मुख्य रूप से 1990 से 1996 बैच के हैं।
UPSC अब इस सूची की जांच करेगा और सीनियरिटी, सेवा रिकॉर्ड तथा अनुभव के आधार पर तीन नामों का पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेजेगा। अंतिम फैसला राज्य सरकार का होगा।
प्रमुख दावेदारों में 1990 बैच की रेणुका मिश्रा सबसे वरिष्ठ हैं। इसके अलावा 1991 बैच के आलोक शर्मा (वर्तमान में SPG में DG), पीयूष आनंद (NDRF में DG) और मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्णा भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। कई सूत्रों के अनुसार राजीव कृष्णा की दावेदारी सबसे मजबूत दिख रही है।
मई 2022 से उत्तर प्रदेश में स्थायी DGP नहीं है और कई कार्यवाहक DGP नियुक्त हो चुके हैं। इस प्रक्रिया से राज्य पुलिस को पूर्णकालिक नेतृत्व मिलने की उम्मीद है। बाजार और प्रशासनिक हलकों में इस पर नजर टिकी हुई है।




