
ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी-इजरायल सैन्य हमलों को लेकर पाकिस्तान में आक्रोश फैल गया, जहां कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारी जमा हो गए और उन्होंने खिड़कियां तोड़ दीं और लाठियां व पत्थर फेंके। खबरों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाईं, जिससे तनाव और बढ़ गया। यह अशांति अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद फैली है, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और तेहरान के कई शीर्ष अधिकारी मारे गए थे। कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त किया और उन्हें क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
तेहरान पर अमेरिका और इज़राइल के समन्वित हमलों में खामेनेई, शमखानी और पाकपुर मारे गए। ईरानी सशस्त्र बलों के अन्य कमांडर भी मारे गए। इसके जवाब में, ईरान ने घोषणा की कि वह मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा। ईरानी अधिकारियों ने अपने इस कदम को शीर्ष नेताओं की मृत्यु के बाद “मजबूत और निर्णायक प्रतिक्रिया” का हिस्सा बताया। अमेरिकी और इजरायली सेनाओं के समन्वय से किए गए इन हमलों में ईरान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमले और व्यापक सैन्य अभियान का असर अभी भी सामने आ रहा है, और अब वैश्विक ध्यान तेहरान के सहयोगियों और पूरे मध्य पूर्व की संभावित प्रतिक्रियाओं पर केंद्रित है।




