
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल और इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर चल रहे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने साफ कहा कि इस कार्यक्रम को बढ़ावा देने में उनका कोई निजी हित नहीं है।
गडकरी ने कहा कि जो लोग E20 पेट्रोल नहीं चाहते, वे 100% शुद्ध पेट्रोल खरीद सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि E85 की कीमत E20 से भी कम है और दुनिया के कई देश बायोफ्यूल की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
बेटों के बिजनेस पर उठे सवालों का जवाब देते हुए गडकरी ने कहा कि उनके बेटों के बिजनेस में इथेनॉल की हिस्सेदारी सिर्फ 10% है और देश के कुल इथेनॉल कारोबार में उनकी फैक्टरियों की हिस्सेदारी 0.5% से भी कम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम पेट्रोलियम मंत्रालय चलाता है, इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।
गडकरी ने वैकल्पिक ईंधन पर जोर देते हुए कहा कि भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए इथेनॉल, हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहन और अन्य विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने ब्राजील का उदाहरण दिया, जहां दशकों से इथेनॉल का सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है।



