उत्तराखंड CM आवास से जुड़ा है एक ऐसा अंधविश्वास कि कई पूर्व सीएम ने यहां रहने से किया तौबा

उत्तराखंड के न्यू कैंट रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास को लेकर एक अंधविश्वास जुड़ा हुआ है। अंधविश्वास यह है कि यहां जो मुख्यमंत्री रहता है। वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता। लेकिन इस अंधविश्वास को तोड़कर अब पुष्कर सिंह धामी यहां रहेंगे। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोविड 19 महामारी की तीसरी लहर को देखते हुए इस मुख्यमंत्री आवास को कोविड सेंटर बनाने की घोषणा की थी। लेकिन, गुरुवार को मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार धामी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां उन्होंने कैंप कार्यालय में कामकाज शुरू करने से पहले पूजा पाठ किया। इसके बाद धामी ने कैंप कार्यालय से शासकीय कामकाज की शुरुआत की। आइए जानते है इस आवास के अंधविश्वास के पीछे की कहानी…

बता दें कि इस अंधविश्वास के चलते ही पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी सेफ हाउस से ही कामकाज किया। वह यहां न रहकर अपने जीएमएस रोड स्थित निजी आवास पर ही रहे। बाद में उन्होंने सीएम का आवास को कोविड केयर सेंटर के तौर स्थापित करने की घोषणा की। ठीक इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी मुख्यमंत्री आवास में जाने से तौबा की। उनकी कुर्सी डोलती रही। बाद में विधानसभा चुनाव में वह किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण विस से चुनाव हार गए। लेकिन इस आवास रहे पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और त्रिवेंद्र सिंह रावत को कुर्सी जरूर छोड़नी पड़ी। लेकिन धामी ने अब आवास में ही रहेंगे। जिसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। आवास पर साज सज्जा का काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, कुछेक दिन में मुख्यमंत्री धामी आवास में शिफ्ट हो जाएंगे।

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