श्रावणी अमावस्या के दिन मन्दाकिनी स्नान के लिए पहुंचे हजारों श्रृद्धालु
REPORT- Vinod Kumar/ Chitrakoot
“चित्रकूट सब दिन बसत प्रभु शिय लखन समेत” ऐसी मान्यता है कि चित्रकूट मे प्रभू राम माता सीता और अनुज लक्षमण के साथ सब दिन विद्यमान रहते है. तभी तो लोग प्रत्येक माह की अमावस्या मे चित्रकूट आकर कामद् गिरी की परिक्रमा करते है. आज श्रावणी अमावस्या में लाखो श्रद्धालुओं ने धर्म नगरी चित्रकूट पहुचकर मंदाकिनी स्नान कर कामदगिरि की परिक्रमा की।
धर्म नगरी चित्रकूट प्रभु राम की तपोस्थली तो है ही पर उससे पहले यह आदि देव शिवजी की भी चौकी है और शिवजी यहाँ के राजा है। इसलिये लोगो की मान्यता है कि श्रावण मॉस की अमावस्या में चित्रकूट आने का विशेष महत्व है।
इस आमावस्या में चित्रकूट आने मात्र एक हजार अश्वमेघ यज्ञो के बराबर फल प्राप्त होता है। श्रद्धालुओं की ऐसी मान्यता है ।
धार्मिक नगरी चित्रकूट को तीर्थो का तीर्थ कहा गया है। इसलिए धरती में चित्रकूट जैसा धार्मिक स्थल और कही नहीं है। इसी महत्व के चलते लोग लाखो की संख्या में प्रत्येक माह चित्रकूट आते है और अमावस्या के दिन मिलने वाले पुण्यलाभ को पाते है।
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धार्मिक नगरी चित्रकूट के सम्बन्ध में कहा गया है। चित्रकूट में रम रहे रहिमन अवध नरेश। जा पर विपदा पडत है सोई आवत यहि देश। अर्थात यहाँ आने से तो बड़ी बड़ी विपदायें दूर हो जाती है।
वही जिलाधिकारी शेषमणि का मानना है कि धर्म नगरी चित्रकूट में श्रावण मास की पड़ने वाली अमावस्या मेले में लगभग 5 से 10 लाख तक श्रद्धालु आएंगे और पुलिस सेक्टर मजिस्टेटो की तैनाती की गई है और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है.
वही एमपी प्रशाशन का भी दावा है कि जगह जगह पुलिस के जवान लगाये गये है और दूर दूर से आये श्रद्धालुओ को कोई दिक्कतें न हो इस लिए खोया पाया केंद्र और जगह जगह अलाउंस के माध्यम से लोगो को सूचित किया जा रहा है।