सर्वाइकल स्पांडिलाइसिस क्या है, जानें इसके लक्षण और समाधान

प्रतिदिन होने वाली समस्याओं में गर्दन दर्द,कमर दर्द यह सब आम समस्या है। आजकल एक ही स्थान पर 8 से 9 घंटे काम करना हमारी मजबूरी हो गई है। जिसके चलते गर्दन में दर्द होना एक आम परेशानी है। अगर ये दर्द रोज होने लगे तो आप सर्वाइकल स्पांडिलाइसिस से ग्रसित हैं। इस बीमारी को नजरअंदाज करना आपके लिए बड़ी मुसीबत का रूप बनता है। आइये जानते हैं सर्वाइकल स्पांडिलाइसिस क्या है और इस बीमारी के कैसे बचें।

सर्वाइकल स्पांसडिलाइसिस

सर्वाइकल स्पांसडिलाइसिस क्या है

स्पॉडिलाइसिस दो यूनानी शब्दों से मिलकर बना है। पहला स्पॉइडिल जिसका अर्थ होता है रीढ़ की हड्डी और दूसरा शब्द जिसका अर्थ है सूजन। रीढ़ की हड्डी में सूजन की शिकायत को स्पॉसडिलाइसिस कहते हैं। यह रोग बैठने, खड़े होने व लेटने के गलत तरीकों के कारण होता है।

यह समस्या महिला और पुरुष दोनों को ही समान रूप से होती है। एक उम्र के बाद आपके शरीर को इन सब समस्याओं की आदत हो जाती है। 40 साल की आयु के बाद लगभग 80 फीसद से भी ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। आजकल तो यह समस्या युवा वर्ग के लोगों में भी देखने को मिल रही है।

लक्षण

गर्दन में दर्द होना।

दर्द के साथ चक्कर आना।

गर्दन में दर्द के साथ बाजू में दर्द होना।

हाथों का सुन्न हो जाना।

गर्दन में सूजन होना।

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कारण

बॉडी पाश्चर का सही नहीं होना।

इसके अलावा यह रोग चोट, संक्रमण, ओस्टियोआर्थराइटिस आदि विभिन्न कारणों से भी उत्पन्न होता है।

युवाओं का सही से न खड़ा होना और बैठना।

झुककर काम करना।

सही खान-पान का अभाव।

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बैठने का गलत तरीका

गर्दन में दर्द की समस्या आजकल आम हो गई है। इस समस्या का मेन कारण है लोगों का झुककर बैठना पूरे समय कम्प्यूटर के आगे बैठकर काम करना आदि। जो लोग झुककर काम करते हैं उन लोगों को यह समस्या होने लगती है।

चोट के कारण

खेलते समय या किसी अन्य कारण से रीढ़ की हड्डी में चोट लग जाने पर भी स्पांडिलाइसिस हो सकता है। इसके अतिरिक्त अधिक गर्दन झुककर काम करने, भारी बोझ उठाने और अधिक ऊंचे तकिए पर सोने आदि से भी स्पांडिलाइसिस हो सकता है।

समस्या का समाधान

शरीर में होने वाले किसी बी अंग के दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जब कभी भी गर्दन में दर्द हो तो कोई भी एक्सरसाइज बिना डॉक्टर की मदद के न करें। बैठते समय बॉडी का पॉश्चर ठीक रखें। रीढ़ की हड्डी का अलाइनमेंट बिगड़ने से कमर के निचले हिस्से और गर्दन में तेज दर्द होता है।

 

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