वेनेजुएला संकट: सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी रोड्रिगेज को बनाया अंतरिम राष्ट्रपति, मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश में आपातकाल

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना के बड़े ऑपरेशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया।

इस घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है, और अब वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया है।

यह फैसला मादुरो की “जबरन अनुपस्थिति” में लिया गया, ताकि प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्र की रक्षा सुनिश्चित हो सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रोड्रिगेज को राष्ट्रपति के सभी अधिकार, कर्तव्य और शक्तियां अस्थायी रूप से मिलेंगी। हालांकि, कोर्ट ने मादुरो को स्थायी रूप से अनुपस्थित घोषित नहीं किया, जिससे 30 दिनों में चुनाव कराने की बाध्यता नहीं बनी।

डेल्सी रोड्रिगेज 2018 से वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्री, संचार मंत्री और अर्थव्यवस्था मंत्री रह चुकी हैं। वे मादुरो की करीबी सहयोगी हैं और चावेज़वाद की कट्टर समर्थक मानी जाती हैं। गिरफ्तारी के बाद रोड्रिगेज ने टीवी पर संबोधन में मादुरो को “वेनेजुएला का एकमात्र राष्ट्रपति” बताया और अमेरिकी कार्रवाई को “अपहरण” तथा “बर्बरता” करार दिया। उन्होंने मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि रोड्रिगेज अमेरिका के साथ सहयोग करेंगी और देश को “महान बनाने” में मदद करेंगी, लेकिन रोड्रिगेज के बयान से यह स्पष्ट है कि वे मादुरो के प्रति वफादार हैं। वेनेजुएला में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है, और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मादुरो दंपति पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म, कोकेन तस्करी और हथियारों से जुड़े गंभीर आरोप हैं। वे न्यूयॉर्क की फेडरल जेल में हैं और जल्द कोर्ट में पेश होंगे।

यह घटना अंतरराष्ट्रीय कानून पर सवाल उठा रही है, क्योंकि कई देश इसे संप्रभुता का उल्लंघन बता रहे हैं। वेनेजुएला में मादुरो समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि विपक्षी खुशी मना रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनाव या संक्रमण की संभावना है, लेकिन स्थिति अभी अनिश्चित है।

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