वेनेजुएला संकट: अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में मादुरो दंपति गिरफ्तार, ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने दी संयमित प्रतिक्रिया

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत काराकास पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया। यह कार्रवाई नार्को-टेररिज्म के आरोपों पर आधारित बताई जा रही है, जहां मादुरो पर अमेरिका में कोकेन तस्करी और आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप हैं।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस घटना पर संयमित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन का इस ऑपरेशन में कोई involvement नहीं था। स्टार्मर ने कहा, “यह एक तेजी से बदलती स्थिति है। हमें सभी तथ्यों की पुष्टि करनी होगी। हम वेनेजुएला में मौजूद लगभग 500 ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस कर रहे हैं और अपने दूतावास के साथ समन्वय कर रहे हैं।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की बात दोहराई, लेकिन सभी事实 स्थापित होने तक किसी कार्रवाई की निंदा से इनकार कर दिया। बाद में एक बयान में स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन मादुरो को अवैध राष्ट्रपति मानता रहा है और उनके शासन के अंत पर “कोई आंसू नहीं बहाएगा”, लेकिन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संक्रमण की उम्मीद जताई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “अभूतपूर्व सैन्य शक्ति का प्रदर्शन” बताया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा अभियान था, जिसमें 150 से अधिक विमान शामिल थे। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अब वेनेजुएला का प्रशासन संभालेगा, तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करेगा और अमेरिकी कंपनियां वहां निवेश करेंगी। मादुरो दंपति को न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट में नार्को-टेररिज्म के आरोपों में पेश किया जाएगा।

यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून की वैधता पर सवाल उठा रही है। कई देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया, जबकि कुछ ने मादुरो के अवैध शासन के अंत का स्वागत किया। वेनेजुएला में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहां मादुरो समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं और विपक्षी खुशी मना रहे हैं।

LIVE TV