
उत्तराखंड के चौफुला-कठघरिया मार्ग पर रविवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब रेत के एक ढेर से एक युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान लालकुआं निवासी 30 वर्षीय पवन सिंह के रूप में हुई है। दो वक्त की रोटी कमाने के लिए घर से निकला पवन किसी की लापरवाही का शिकार हो गया और डंपर में रेत के नीचे जिंदा दफन हो गया।
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
जानकारी के अनुसार, पवन डंपर से रेत को बाहर गिरने से बचाने के लिए उसके कोनों पर कट्टे (बोरियां) लगा रहा था। इसी दौरान, जेसीबी मशीन के चालक ने बिना देखे ही डंपर में रेत डालना शुरू कर दिया। पवन जब तक कुछ समझ पाता या संभल पाता, तब तक ऊपर से और रेत आ गई और वह पूरी तरह से दब गया। बरसात की नमी वाली भारी रेत के नीचे दबे पवन ने खुद को बचाने के लिए खूब हाथ-पैर मारे होंगे, लेकिन चंद मिनटों में ही उसकी सांसों की डोर टूट गई।
अनलोडिंग के समय मजदूरों के उड़े होश
रविवार को जब यह डंपर चौफुला-कठघरिया मार्ग पर पहुंचा और रेत को अनलोड (खाली) किया गया, तो वहां काम कर रहे मजदूर हमेशा की तरह उसे हटाने में जुट गए। कुछ फावड़े ही चले थे कि रेत के ढेर में से अचानक पवन का सिर और हाथ दिखाई दिया। यह खौफनाक मंजर देखकर मजदूरों की चीख निकल गई और वे डरकर दूर भाग गए। बाद में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला गया।
एक लापरवाही ने ली 30 साल के युवक की जान
30 साल के नौजवान की इस दर्दनाक मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। वहां मौजूद हर शख्स की जुबान पर बस यही बात थी कि अगर रेत लोड करते समय जेसीबी चालक ने डंपर में एक बार झांक लिया होता, या फिर डंपर चालक ने काम शुरू करने से पहले पवन की तलाश की होती, तो शायद इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।



