
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने शासकीय आवास पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुए छात्र संघ चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने वाले इन सभी युवा नेताओं को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन के दौरान मिलने वाली जिम्मेदारियां युवाओं के व्यक्तित्व विकास का एक बेहद महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं और इससे उनके भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता को निखारने में भी काफी मदद मिलती है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह संगठन लंबे समय से न केवल छात्रों के हितों की रक्षा कर रहा है, बल्कि राष्ट्रीय महत्व के विषयों, सामाजिक सरोकारों और युवाओं के समग्र विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। उनके अनुसार, एबीवीपी युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन, जिम्मेदारी की भावना, राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण और समाज के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देने में एक बड़ी भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे संगठन के मूल मूल्यों और उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए छात्र कल्याण के लिए निरंतर काम करें। संगठनात्मक मामलों पर चर्चा करते हुए उन्होंने छात्रों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने, उनकी चिंताओं और अपेक्षाओं को गहराई से समझने तथा उनके समाधान में एक रचनात्मक भूमिका निभाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ (भविष्य के लिए तैयार) बनने का आह्वान करते हुए सीएम धामी ने कहा कि आज दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। ऐसे में युवाओं को तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म, रोजगार के नए अवसरों और वैश्विक रुझानों के बीच खुद को लगातार अपडेट रखना चाहिए। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे खुद को केवल अपने शैक्षणिक क्षेत्रों और किताबी ज्ञान तक ही सीमित न रखें, बल्कि भारत और दुनिया भर में हो रहे नए विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों, सामाजिक मुद्दों और रोजगार के बदलते परिदृश्य के बारे में भी पूरी जानकारी रखें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि युवा जितना अधिक खुद को आधुनिक बदलावों के साथ अद्यतन रखेंगे, उनका व्यक्तिगत विकास उतना ही बेहतर होगा और उनकी क्षमताओं का सीधा लाभ संगठन के साथ-साथ पूरे समाज को भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि छात्र जीवन केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह नेतृत्व, बेहतर संवाद, अनुशासन, सही निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी सीखने का भी एक अहम चरण है। उन्होंने छात्रों को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
धामी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए यह विश्वास जताया कि वे पूरी लगन और समर्पण के साथ छात्र हितों के लिए काम करेंगे और अपने उत्कृष्ट आचरण से अन्य युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं की असीम ऊर्जा, प्रतिभा और सकारात्मक दृष्टिकोण ही राज्य और देश के विकास की सबसे महत्वपूर्ण ताकत है।



