
विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) के नेताओं और सांसदों ने मतदाता सूची से जुड़े विवाद को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया है। इस विरोध मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ-साथ शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए।
योजना के अनुसार, प्रदर्शनकारी नेता संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने वज्र वाहन और ड्रोन से निगरानी करते हुए भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें कार्यालय से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद राहुल गांधी और गठबंधन के अन्य सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई तथा उनसे इस्तीफे की मांग की गई।
इस व्यापक विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह मतदाता सूची के ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’ (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन या SIR) से जुड़ा विवाद और मतदाता नामांकन फॉर्म में कथित अनधिकृत बदलाव हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं।
पिछले महीने सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में एसआईआर से जुड़े आदेशों पर कई बार कड़ी आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि ये निर्देश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए हैं। इसी विवाद के बाद से विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने तीन सदस्यीय पैनल के भीतर किसी भी तरह के मतभेद से साफ इनकार किया है और कहा है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
इस राजनीतिक सरगर्मी के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने इस संयुक्त मार्च से दूरी बनाए रखी। पार्टी का कहना है कि वह इन कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी लड़ाई स्वतंत्र रूप से लड़ रही है। वहीं, मार्च के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने भी अपनी बात रखी और भगवान गणेश का आह्वान करते हुए कहा कि ईश्वर कभी गलत कार्यों में मदद नहीं करते और वे ही विपक्ष की रक्षा करेंगे।
इस पूरे मामले में विपक्ष का रुख तब और आक्रामक हो गया जब सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि उसने चुनाव आयोग द्वारा विभिन्न राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल किए गए फॉर्म 6 में किसी भी तरह के संशोधन को मंजूरी नहीं दी थी। अपनी मांगों और चिंताओं को और अधिक मजबूती से उठाने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता जल्द ही राष्ट्रपति से भी मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं।



