उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दर्दनाक हादसा: पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से महाराष्ट्र की महिला श्रद्धालु की मौत

उत्तराखंड में केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा के दौरान रविवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के पास अचानक पहाड़ी से गिरे एक भारी पत्थर की चपेट में आने से महाराष्ट्र की 60 वर्षीय महिला श्रद्धालु की जान चली गई।

मृतका की पहचान महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के ग्राम नीमगांव निवासी मंगल अपाराव सिंधे के रूप में हुई है। इस अकल्पनीय और अचानक हुए हादसे ने यात्रा मार्ग के संवेदनशील और भूस्खलन वाले हिस्सों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गहरी चिंताएं पैदा कर दी हैं।

घटना की जानकारी रविवार, 6 सितंबर को जसपाल सिंह नामक व्यक्ति के माध्यम से रुद्रप्रयाग के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), डीडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त रेस्क्यू टीम को घटनास्थल की ओर रवाना किया।

बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर गंभीर रूप से घायल महिला श्रद्धालु को रेस्क्यू किया और उसे बिना समय गंवाए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीकुंड पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने इस दुखद घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। प्रशासन द्वारा मृतका के परिजनों को इस अनहोनी की सूचना दे दी गई है और आवश्यक पंचनामा सहित अन्य सभी वैधानिक कार्रवाइयां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए यात्रा मार्ग पर तैनात सभी संबंधित अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू और राहत व्यवस्था को हर समय सक्रिय रखा जाना चाहिए।

इस दर्दनाक हादसे के बाद जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने केदारनाथ दर्शन के लिए आ रहे सभी श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यात्री मौसम के मिजाज और पैदल मार्ग की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन और अचानक पत्थर गिरने का खतरा काफी बढ़ जाता है, इसलिए यात्रियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील और खतरनाक स्थानों पर अनावश्यक रूप से बिल्कुल न रुकें।

खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर ही आश्रय लें, यात्रा में कोई जल्दबाजी न दिखाएं और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें ताकि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके।

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