
मंगलवार को लोकसभा में परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दिल्ली में नीट परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई, जिसमें पेलेट गन का इस्तेमाल भी शामिल है, पर सवाल उठाए। राष्ट्रीय राजधानी में 20 जुलाई को हुए पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए प्रियंका ने पूछा कि सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर छात्रों के खिलाफ आंसू गैस के गोले और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया।
उन्होंने कहा, “देश के युवाओं पर पेलेट गन और एके-47 चलाने की क्या जरूरत थी? क्या वे आतंकवादी थे? पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया? क्या यह प्रधानमंत्री का आदेश था? क्या यह गृह मंत्री का आदेश था? उन्हें जवाब देना होगा। पूरा देश यह सवाल पूछ रहा है। यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी नहीं, बल्कि पूरा देश जवाब की मांग कर रहा है। कांग्रेस सांसद ने पुलिस कार्रवाई के लिए जवाबदेही भी मांगी और पूछा कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था।
उन्होंने पूछा, “पैलेट गन का इस्तेमाल करने और छात्रों की आवाज दबाने का आदेश किसने दिया?” साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह स्पष्टीकरण देने की मांग की कि परीक्षा विवाद को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का प्रयोग क्यों किया गया। प्रियंका ने आगे आरोप लगाया कि देश की परीक्षा और शिक्षा प्रणाली विफल हो चुकी है, और बार-बार होने वाले प्रश्नपत्र लीक ने छात्रों का विश्वास चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने कहा, “शिक्षा प्रणाली में खामियां आ गई हैं। परीक्षा प्रणाली विफल हो गई है। किसी भी माफिया सदस्य को सजा नहीं मिली है।” उन्होंने परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में सरकार की विफलता का आरोप लगाया।




