
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल को सात UAPA मामलों में जमानत दे दी। जोहल पर खालिस्तान लिबरेशन फोर्स द्वारा रची गई कथित साजिश के तहत लक्षित हत्याओं का आरोप है। जोहल को 2017 में पंजाब में गिरफ्तार किया गया था। ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल सात हत्याओं और UAPA के मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं, जिनकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने पंजाब के लुधियाना और जालंधर जिलों में 2016-2017 के दौरान हुई लक्षित हत्याओं के सिलसिलेवार मामलों में UAPA के तहत दुदेजाएद द्वारा दायर जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया।
2024 में एक समन्वय पीठ ने जमानत अपीलें खारिज कर दी थीं।
गौरतलब है कि 2024 में एक समन्वय पीठ ने जमानत अपीलें खारिज कर दी थीं। इसके बाद मामला सर्वोच्च न्यायालय में गया, जिसने उच्च न्यायालय को अपीलों पर नए सिरे से फैसला करने को कहा। समन्वय पीठ ने जोहल को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सत्य हैं। पिछले साल दिल्ली उच्च न्यायालय ने आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत दर्ज कई मामलों में ब्रिटिश सिख नागरिक जगतर सिंह जोहल को जमानत देने से इनकार कर दिया था।




