
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्द्वानी स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। दर्शन के पश्चात दोनों नेताओं ने ईश्वर से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत और गौरवशाली संस्कृति की निरंतर मजबूती के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने उत्तराखंड को सच्चे अर्थों में ‘देवभूमि’ करार देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति भारतीय संस्कृति और आस्था की असली छाप देखना चाहता है, तो उसे केवल इस पवित्र भूमि का रुख करना चाहिए। नवीन ने देवभूमि की महिमा का बखान करते हुए इसे ऊर्जा का केंद्र बताया। इसे शहीदों और वीरों की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारे वीर बलिदानियों का अद्वितीय शौर्य इस राज्य की मिट्टी के कण-कण से झलकता है।
उन्होंने पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि की सकारात्मक ऊर्जा, सरकार के निरंतर विकास कार्यों, जनता के अटूट विश्वास और सेवा भाव के समर्पण के कारण पार्टी को हमेशा आम जनता का अपार आशीर्वाद मिलता रहेगा।
इससे पहले बुधवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के होटल विंटेज ग्रीन में आयोजित पार्टी की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की एक अति-महत्वपूर्ण बैठक में भी हिस्सा लिया।
इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को अधिक सुदृढ़ करना और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार को उत्तराखंड के कोने-कोने तक पहुंचाना था। इस उच्च स्तरीय बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भारी संख्या में शामिल हुए। बैठक के दौरान जमीनी स्तर पर यानी बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने और पार्टी के तमाम पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
आगामी रणनीतियों पर मंथन करते हुए नेतृत्व ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पार्टी की जड़ें राज्य के प्रत्येक हिस्से में और अधिक मजबूत होनी चाहिए। यह बैठक संगठनात्मक दृष्टिकोण से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि पार्टी का मुख्य लक्ष्य न केवल अपने ढांचे को एकजुट व सक्रिय करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि सरकार की सभी जनहितकारी पहलों और लोक कल्याणकारी योजनाओं का सीधा एवं प्रभावी लाभ बिना किसी बाधा के आम लोगों तक पहुंच सके।




