
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में लड़कों के पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास के रूप में इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत के गिरने से कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के सामने स्थित हॉस्टल डेज़ नामक यह इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे उस समय ढह गई जब तहखाने में मरम्मत का काम चल रहा था। इमारत में एक तहखाना और पांच ऊपरी मंजिलें थीं और यह कम से कम 50 साल पुरानी थी।
सत्य निकेतन भवन ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, क्योंकि मलबे से एक और व्यक्ति को निकाला गया था लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अब तक कुल 12 लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि सात लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली पुलिस ने भवन मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए 10 अलग-अलग टीमें गठित की हैं। इन टीमों में स्थानीय जिला पुलिस और विशेष स्टाफ के साथ-साथ जिले के विभिन्न ऑपरेशनल यूनिटों के कर्मी भी शामिल हैं। इन सभी टीमों का नेतृत्व अतिरिक्त डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। पुलिस हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही है।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सत्य निकेतन भवन ढहने की घटना पर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी बैठक में उपस्थित रहेंगी। डीडीए, एमसीडी और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। उच्चस्तरीय बैठक आज दोपहर बाद होगी। उपराज्यपाल इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। वही दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने भवन मालिक हरिराम को गिरफ्तार करने के लिए गुरुग्राम समेत कई जगहों पर छापेमारी कर रही है।



