उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर से पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप रविवार को राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर पश्चिमी तराई क्षेत्रों में झमाझम बारिश देखने को मिली है। बिजनौर, बरेली, मुरादाबाद और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में भारी से लेकर अति भारी बारिश दर्ज की गई है। बारिश के आंकड़ों पर गौर करें तो रविवार को बरेली में सबसे अधिक 134.3 मिलीमीटर, बिजनौर में 134 मिलीमीटर और मुरादाबाद में 114 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे इन इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, एक नया मौसम तंत्र सक्रिय हुआ है जिसका व्यापक असर आगामी दिनों में देखने को मिलेगा। इस नए सिस्टम के कारण सोमवार और मंगलवार को उत्तर प्रदेश के तराई जिलों में गरज और चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से नेपाल की सीमा से सटे आठ जिलों में सोमवार को मूसलाधार बारिश होने के प्रबल आसार जताए हैं।
तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 9 सितंबर तक बारिश का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग का यह भी कहना है कि बुधवार से निम्न दबाव के क्षेत्र का प्रभाव कमजोर पड़ने लगेगा, जिसके बाद प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में कमी आएगी और लोगों को भारी बारिश से कुछ राहत मिलेगी।
मौसम के इस बदले हुए मिजाज और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, श्रावस्ती और इसके आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को भी संभावित जलभराव और आवागमन में होने वाली दिक्कतों को लेकर अलर्ट मोड पर रखा गया है।




